February 28, 2011

तुम दीप प्रिये मैं पतंग

तुम दीप प्रिये
मैं ठहरा पतंग
तुम पर आकर्षित होता रहूँगा
जल जाना मंज़ूर
मगर अँधेरे में नहीं लौटूंगा.

तुम जलना
घर रोशन करना
मैं ईंधन बन जाऊँगा
अँधेरे में नहीं लौटूंगा.

तुम ज्योति, मैं बाती
रश्मियाँ तल तक
पहुँच नहीं पातीं
कैसे तल के तम हरूँगा?
अँधेरे में नहीं लौटूंगा.

जलना मेरी फितरत
तुमसे मिलन की हसरत
संवरित नहीं कर पाऊंगा
तुम जलना
संग मैं भी जल मरूँगा
अँधेरे में नहीं लौटूंगा.







February 26, 2011

ऊँचे हो तो और ऊँचे उठो

ऊँचे हो तो और ऊँचे उठो ना
किसने रोका है?
नीचे देखने से पाताल नहीं दिखेगा
हर आहट किसी के
आने की नहीं होती
ऊंचाई से दुनिया बौनी भले दिखे
पर हक़ीक़त में क्या बौनी होती है??
मन के भ्रम हैं
किसी के गिराने से कोई गिरता कहाँ है!!!

गुलाब

ये तो गुलाब थे
इन्हें क्यों तोड़ा
पंखुड़ियां ही समेट ली
काटों को क्यों छोड़ा??????
 
22.7.2010
 

January 1, 2011

मैं गया वक़्त नहीं

आज मेरे वजूद को चुनौती देने वालों
कल मेरा भी दिन आएगा
मैं गया वक़्त नहीं
जो कभी लौट के आ न सकूँगा!
चोट करो, उपहास करो
चाहे जितना प्रयास करो
मैं कोई तृण नहीं
जो उड़ जाऊंगा...
मैं भविष्य के सुनहरे पथ का स्तम्भ हूँ
अगर धंस भी गया तो
मील का पत्थर कहलाऊंगा.

October 14, 2010

बाँध दिया है खुद को

एक डोर से बाँध दिया है खुद को
जब लगे दूर जा रहा हूँ
आहिस्ता अपनी ओर खींचना
रिश्तों को ताज़ा रखना!
न मानूँ, डांटना-फटकारना
कभी प्यार से समझाना...
मैं बहती नदी की मनमौज धारा हूँ
हर बार दूर भागूँगा
नयी राह बनाना मेरी फितरत है.
हमारे रिश्तों को
तुम्ही संभाल के रखना
मैं उसपर जमा गर्द धोता रहूँगा
राह गर मुश्किल लगे कहना
मैं बिछ जाऊंगा.
न कभी दूर होना, न मुझे दूर होने देना,
क्योंकि मैंने खुद को
एक बंधन में बाँध जो दिया है...

September 10, 2010

संयम

बादलो! बरसो पर इतना याद रहे
फुटपाथों पर सोने वाले भी रोते हैं
भीग जाये बिछौना
रात आँखों में काटते हैं …
यमुना तेरे तट पर भी तो लोग रहते हैं
बहते सपने देख क्या ये नहीं रोते हैं!
संयम क्यों गरीब ही रखें
थोड़ा तुम, थोड़ा ये रखें...

July 27, 2010

सोचता हूँ

अगर मैं लड़की होती
किसी अनजान के साथ
उम्रभर के लिए
बंध गयी होती...
सिगरेट की तरह सुलगती
रसोई में बर्तन घिसती
और घर के किसी कोने में
पड़ी चुपचाप क्या सुबक रही होती!
या अपने भाग्य पर इतराती!
नारी होने पर गौरवान्वित होती!!!
मार्च ८ २०१०