कभी पूछना बादलों से
इस बसंत नभ क्यों रोया था?
क्यों पेड़ों की शाखों पर झूले सूने-सूने थे?
प्रेम का मौसम था
फिर भी मन के उपवन क्यों सूने-सूने थे?
कभी पूछना मन अकुलाया क्यों था?
पिंजड़े के कैदी थे
सोते थे नींद नहीं क्यों आती थी!
कोई ख्वाब पीछे छूट रहा था
कोई साथ कहीं से छूट रहा था
एक साथ कई कई आजमा रहे थे
प्रेम की कसौटी पर कस रहे थे
तब कौन टूटा था?
कभी पूछना
फिर क्या हुआ था?
फिर क्या हुआ था?
सुनो, मैं बताता हूँ
दो मौतें हुई थीं
दो जीवन बदला था
एक अनमना, दूजा पगला सा
ढूंढा था अक्स
आइना मिला था.
July 8, 2011
March 1, 2011
February 28, 2011
तुम दीप प्रिये मैं पतंग
तुम दीप प्रिये
मैं ठहरा पतंग
तुम पर आकर्षित होता रहूँगा
जल जाना मंज़ूर
मगर अँधेरे में नहीं लौटूंगा.
तुम जलना
घर रोशन करना
मैं ईंधन बन जाऊँगा
अँधेरे में नहीं लौटूंगा.
तुम ज्योति, मैं बाती
रश्मियाँ तल तक
पहुँच नहीं पातीं
कैसे तल के तम हरूँगा?
अँधेरे में नहीं लौटूंगा.
जलना मेरी फितरत
तुमसे मिलन की हसरत
संवरित नहीं कर पाऊंगा
तुम जलना
संग मैं भी जल मरूँगा
अँधेरे में नहीं लौटूंगा.
February 26, 2011
ऊँचे हो तो और ऊँचे उठो
ऊँचे हो तो और ऊँचे उठो ना
किसने रोका है?नीचे देखने से पाताल नहीं दिखेगा
हर आहट किसी के
आने की नहीं होती
ऊंचाई से दुनिया बौनी भले दिखे
पर हक़ीक़त में क्या बौनी होती है??
मन के भ्रम हैं
किसी के गिराने से कोई गिरता कहाँ है!!!
January 1, 2011
October 14, 2010
बाँध दिया है खुद को
एक डोर से बाँध दिया है खुद को
जब लगे दूर जा रहा हूँ
आहिस्ता अपनी ओर खींचना
रिश्तों को ताज़ा रखना!
न मानूँ, डांटना-फटकारना
कभी प्यार से समझाना...
मैं बहती नदी की मनमौज धारा हूँ
हर बार दूर भागूँगा
नयी राह बनाना मेरी फितरत है.
हमारे रिश्तों को
तुम्ही संभाल के रखना
मैं उसपर जमा गर्द धोता रहूँगा
राह गर मुश्किल लगे कहना
मैं बिछ जाऊंगा.
न कभी दूर होना, न मुझे दूर होने देना,
क्योंकि मैंने खुद को
एक बंधन में बाँध जो दिया है...
जब लगे दूर जा रहा हूँ
आहिस्ता अपनी ओर खींचना
रिश्तों को ताज़ा रखना!
न मानूँ, डांटना-फटकारना
कभी प्यार से समझाना...
मैं बहती नदी की मनमौज धारा हूँ
हर बार दूर भागूँगा
नयी राह बनाना मेरी फितरत है.
हमारे रिश्तों को
तुम्ही संभाल के रखना
मैं उसपर जमा गर्द धोता रहूँगा
राह गर मुश्किल लगे कहना
मैं बिछ जाऊंगा.
न कभी दूर होना, न मुझे दूर होने देना,
क्योंकि मैंने खुद को
एक बंधन में बाँध जो दिया है...
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